Teacher Day Kya Hai Iska Kya महत्व Hai Puri Jankari Hindi

3
1229

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rishikesh Mishra है
सबसे पहले आप सभी को Teacher Day की हार्दिक शुभकामनाये,

वैसे तो दुनिया के अलग अलग   देशो में Teacher Day अलग अलग दिन मनाये जाते है लेकिन Teacher Day भारत में ५ सेप्टेंबर को मनाया जाता है जिसके सारा श्रेय भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को जाता है यु तो दोस्तों भारत को प्राचीन काल से ही विश्व गुरु माना जाता है यहाँ पर समय समय पर अनेक महान पुरुषो ने जन्म लेकर अपने ज्ञान से पूरे विश्व का मार्गदर्शन किया है इसी कड़ी में  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का भी नाम आता है जो एक सम्पूर्ण शिक्षक के रूपमें जाने जाते है इन्ही के जन्मदिन की तारीख यानी ५ सेप्टेंबर के दिन को भारत देशमें Teacher Day के रूप में मनाया जाता है….
<



डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

डॉ॰ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 तमिलनाडु के तिरूतनी ग्राम में हुआ था उनको भारतीय संस्कृति का महान शिक्षक के रूप में जाना जाता है जो की एक शिक्षक होने के साथ साथ महान दार्शनिक, उत्कृष्ट वक्ता और एक हिन्दू विचारक भी थे   , डॉ. सर्वपल्लीराधाकृष्णन सम्पूर्ण विश्व को एक शिक्षा का घर मानते थे उनका मानना था की यदि इंसान को सही शिक्षा मिले तो वो अपने दिमाग का सही रूप से विश्व के हित में लगा सकता है डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान है जिसके चलते जब वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति बने तो सबने उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस मानाने के लिए पुछा तो उन्होंने बोला ये तो बहुत अच्छी बात है लेकिन इसके मनाने का उद्द्देश्य विश्व कल्याण होना चाहिए जिसके बाद से भारत में शिक्षक दिवस की शुरुआत हुई डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन बचपन से ही बहुत ही धार्मिक प्रवित्ति के थे वे भारतीय संस्कृति से बहुत ही ओतप्रोत थे उनका मानना था की शिक्षा का मकसद केवल ज्ञान प्राप्त करना भर नहीं है अपितु शिक्षा के माध्यम से हित की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए क्यूकी शिक्षा के द्वारा ही उचित और अच्छे समाज का निर्माण किया जा सकता है

Teacher Day की उपयोगिता :- 

   दोस्तों जैसा की जब हम जन्म लेते है तो सबसे पहले हमे अपने माता-पिता से ही जीवन की शुरुआत की शिक्षा मिलती है माता-पिता ही हमारे लिए प्रथमशिक्षक होते है जो हमे चलना बोलना और समाज के अनुरूप रहनेको सिखाते हैऔर जब एक बालक घर से बाहर निकलता है तो उसे माता पिता के बाद शिक्षक ही उसे गुरु के रूप में मिलते है जो उसे अपनी शिक्षा के द्वारा सम्पूर्ण जगत का ज्ञान अर्पित करते है जिसके बाद एक इंसान का सम्पूर्ण मस्तिष्क विकास हो पाता है और इस दुनिया में रहने लायक बनाते है

Teacher Day का आज के लिए महत्व / Teachers Day ki Upyogita :-

यु तो दोस्तों भारत देश में प्राचीन काल से अनेक ऋषि महर्षियो ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण विश्व का मार्गदर्शन किया है , यु तो दोस्तों भारत देश में प्राचीन काल से अनेक ऋषि महर्षियो ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण विश्व का मार्गदर्शन किया है हमारे देश में गुरु को भगवान से भी बढ़कर माना गया है जिसका हमे व्याख्या कबीर जी के इस दोहे से मिलता है

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय ,
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय ,,

अर्थात जब गुरु यानि हमारे शिक्षक और भगवान् एक साथ दोनों खड़े हो जाये तो हमारे मन में ये दुविधा उत्पन्न हो जाती है की सबसे पहले किसका चरण स्पर्श करे तो भगवान स्वयं बोल देते है की गुरु ने ही भगवान् के पास पहुचने का रास्ता बताते है इसलिए सबसे पहले गुरु का ही चरण स्पर्श करना चाहिएदोस्तों शत प्रतिशत सत्य है की इंसान सम्पूर्ण जीवन कुछ नकुछ सीखता रहता है और सिखने के लिए कोई उम्र मायने नहीं रखती है हो सकता है हम जिससे कुछ भी सीख रहे है वो हमसे छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी हो सकता है यानी हम यदि किसी से भी कुछ सीख रहे है तो उसे हमे अपने गुरु के रूप में भी स्वीकार करने की क्षमता होनी चाहिए दोस्तों आजकल अक्सर गुरु और शिष्य के बीच तनाव की बहुत ही खबरे आती रहती है इसलिए हमाराभी फर्ज बनता है की हमे टीचर यानि गुरु को हमेसा सम्मान केभाव से देखना चाहिए क्यू  की गुरु ही हमारे चरित्र निर्माण में सहायक होता है और हम गुरु से उचित शिक्षा पाकर एक अच्छे नागरिक बन सकते हैतो सभी स्टूडेंट्स को चाहिए की वे अपने शिक्षक को हमेशा सम्मान दे और उनकी सदैव इज्जतकरे क्यू की जब गुरु की कृपा होती है तो जीवन में सफलता मिलना स्वाभाविक है.

Teacher Day की अच्छी बाते 

:- चरित्र निर्माण में गुरु ही सबसे सहायक होते है यदि सच्चे और वास्तविक समाज का निर्माण करना है तो शिक्षको का होना बहुत जरुरी हैजब हमे हर जगह अंधकार दिखाई देता है तब गुरु ही हमारे मार्ग का सृजन होता है एक शिक्षक ही हमे जिंदगी की तमाम उलझने से लड़ने में हमारा व्यतित्व निर्माण करता है जब तक हम झुकना नहीं जानते है तब तक हम किसी को भी अपना गुरुके रूप में नहीं मान सकते है यदि जिसने शिक्षक को सम्मान दिया वो निश्चित ही अपने जीवनमें शिक्षक के आशीर्वाद को जरूर प्राप्त कर सकता हैयदि ज्ञान पाना है तो सबसे पहले झुकना सीखना चाहिए शिक्षक ही समाज के वास्तविक निर्माण में सहायक होते है इसलिए दोस्तों आप सभी अपने शिक्षको का सम्मान जरूर करे