some importent tree:कुछ महत्वपुर्ण वृक्षों का महत्व

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some importent tree दरवाज़े पर क्यों लगाए जाते हैं आम के पत्तों के तोरण ! क्या है इससे जुड़ी हुई मान्यता !

हमारी भारतीय संस्कृति में आम और उसके पत्तों का खासा महत्व होता है. some importent tree

आम जिस तरह से हमारी ज़ुबान को अपनी मिठास से भर देता है ठीक उसी तरह उसके पत्ते भी हमारे जीवन में मिठास भरने का काम करते हैं.

पूजा-पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठान में जब कलश की स्थापना की जाती है, तब जल से भरे कलश के ऊपर आम की पत्तियां रखी जाती हैं.

कुछ खास मौकों पर घर के मुख्य द्वार पर आम की पत्तियों, गेंदे के फूल और धान की बालियों से बने तोरण को लगाया जाता है.

घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण को आखिर क्यों लगाया जाता है और आम के पत्तों का तोरण जिसमे अक्सर गेंदे के फूल और धान की बालियों को लगाने के पीछे कौन सी मान्यता जुड़ी हुई है.

आइए हम आपको बताते हैं आम के पत्तों का तोरण की मान्यता –

आम के पत्तों का तोरण और उससे जुड़ी मान्यता

– सदियों से हमारे देश में आम के वृक्ष को पूजनीय माना जाता है तभी तो किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का उपयोग किया जाता है. तोरण, बांस के खंबे आदि में भी आम की पत्तियां लगाने की परंपरा है.

– हमारी भारतीय संस्कृति में आम के पेड़ की लकड़ियों का उपयोग समिधा के रूप में वैदिक काल से ही किया जा रहा है. माना जाता है कि आम की लकड़ी, घी, हवन सामग्री आदि के साथ हवन में उपयोग से वतावरण में सकारात्मकता बढ़ती है.

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– घर के मुख्य द्वार पर आम की पत्तियां लटकाने से घर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के साथ सकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. जिससे घर में सुख व समृद्धि बढ़ती है.

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– आम के पत्तों का तोरण द्वार पर लगाने से सभी मांगलिक कार्य निर्विघ्न पूरे हो जाते हैं. बुरी शक्तियां एवं नकारात्मक ऊर्जा भी शुभ कार्य में बाधा नहीं डाल पाती हैं, इसलिए दरवाज़े पर आम के पत्तों को लटकाना हमारे शास्त्रों के अनुसार बहुत शुभ माना गया है.

– धार्मिक मान्यता के मुताबिक आम हनुमान जी का प्रिय फल है. इसलिए जहां भी आम और आम का पत्ता होता है वहां हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है.

गेंदे के फूल से जुड़ी मान्यता

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दरवाज़े पर लगाए जानेवाले आम के पत्तों के तोरण में अक्सर पीले रंग के गेंदे के फूलों को भी लगाया जाता है.

< – गेंदे के फूल के बारे में कहा जाता है कि यह वास्तव में एक फूल नहीं बल्कि छोटे-छोटे फूलों का एक गुच्छा है. गेंदे के फूल को आम के पत्तों के तोरण के साथ द्वार पर लगाने से सकारात्मकता घर में आती है.

– गेंदे के फूल का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है इसलिए कहा जाता है कि जिस घर के द्वार पर गेंदे का फूल लगाया जाता है उस घर में सुख-समृद्धि आती है.

धान की बालियों से जुड़ी मान्यता

अक्सर आम के पत्तों और गेंदे के फूल के तोरण के साथ धान की बालियों को भी दरवाजे पर लटकाया जाता है. इसको लेकर मान्यता है कि जिस घर के द्वार पर धान का बालियों को लगाया जाता है, वो घर हमेशा धन-धान्य से भरा होता है. ऐसे घरों में कभी अनाज की कमी नहीं होती है.

गौरतलब है कि हमारे हिंदू धर्म में आज भी लोग मांगलिक कार्यों में आम की पत्तियों, गेंदे के फूल और धान की बालियों का उपयोग करते हैं. ये सभी चीजें इंसान के जीवन को सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और धन-धान्य से भर देती हैं.

बातें बिल्व वृक्ष की—-
1. बिल्व वृक्ष के आसपास सांप नहीं आते ।
2. अगर किसी की शव यात्रा बिल्व वृक्ष की छाया से होकर
गुजरे तो उसका मोक्ष हो जाता है ।
3. वायुमंडल में व्याप्त अशुध्दियों को सोखने की क्षमता
सबसे ज्यादा बिल्व वृक्ष में होती है ।
4. चार पांच छः या सात पत्तो वाले बिल्व पत्रक पाने वाला
परम भाग्यशाली और शिव को अर्पण करने से अनंत गुना फल
मिलता है ।
5. बेल वृक्ष को काटने से वंश का नाश होता है। और बेल
वृक्ष लगाने से वंश की वृद्धि होती है।
6. सुबह शाम बेल वृक्ष के दर्शन मात्र से पापो का नाश होता
है।
7. बेल वृक्ष को सींचने से पितर तृप्त होते है।
8. बेल वृक्ष और सफ़ेद आक् को जोड़े से लगाने पर अटूट
लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
9. बेल पत्र और ताम्र धातु के एक विशेष प्रयोग से ऋषि मुनि
स्वर्ण धातु का उत्पादन करते थे ।
10. जीवन में सिर्फ एक बार और वो भी यदि भूल से भी
शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ा दिया हो तो भी उसके सारे पाप मुक्त
हो जाते है ।
11. बेल वृक्ष का रोपण, पोषण और संवर्धन करने से महादेव
से साक्षात्कार करने का अवश्य लाभ मिलता है।
कृपया बिल्व पत्र का पेड़ जरूर लगाये । बिल्व पत्र के लिए पेड़
को क्षति न पहुचाएं some importent tree
शिवजी की पूजा में ध्यान रखने योग्य बात
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को कौन सी चीज़ चढाने से
मिलता है क्या फल some importent tree
किसी भी देवी-देवता का पूजन करते वक़्त उनको अनेक चीज़ें
अर्पित की जाती है। प्रायः भगवन को अर्पित की जाने वाली हर
चीज़ का फल अलग होता है। शिव पुराण में इस बात का वर्णन
मिलता है की भगवन शिव को अर्पित करने वाली अलग-अलग
चीज़ों का क्या फल होता है। some importent tree
शिवपुराण के अनुसार जानिए कौन सा अनाज भगवान शिव को
चढ़ाने से क्या फल मिलता है:
1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।यह सभी अन्न भगवान
को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरीत कर देना चाहिए।
शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन सा रस
(द्रव्य) चढ़ाने से उसका क्या फल मिलता है
1. ज्वर (बुखार) होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से
शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी
जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
2. नपुंसक व्यक्ति अगर शुद्ध घी से भगवान शिव का अभिषेक
करे, ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो
उसकी समस्या का निदान संभव है।
3. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को
चढ़ाएं।
4. सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में
वृद्धि होती है।
5. शिवलिंग पर ईख (गन्ना) का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों
की प्राप्ति होती है।
6. शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति
होती है।
7. मधु (शहद) से भगवान शिव का अभिषेक करने से राजयक्ष्मा
(टीबी) रोग में आराम मिलता है।
शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन का फूल
चढ़ाया जाए तो उसका क्या फल मिलता है-
1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने
पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
2. चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।
3. अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान
विष्णु को प्रिय होता है।
4. शमी पत्रों (पत्तों) से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।
5. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती
है।
6. जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की
कमी नहीं होती।
7. कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं।
8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि
होती है।
9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र
प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशनकरता है।
10. लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में शुभ माना गया है।
11. दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती ह

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